सोमवार, 6 अगस्त 2012

34 लोगों की मरने व 200 से अधिक घरों के बहने कई पुलों के क्षतिग्रस्त होने की पुष्टि

देहरादून,(राजेन्द्र जोशी)।  शुक्रवार दोपहर उत्तरकाशी से लगभग 40 किलोमीटर उपर बरसू टाप पर बादल फटने के भटवाड़ी से लेकर डुण्डा तक भारी जन धन की हानि हुई  है। राज्य आपदा नियंत्रण केन्द्र से मिली जानकारी के अनुसार अब तक 34 लोगों की मरने व 200 से अधिक घरों के बहने सहित कई पुलों के क्षतिग्रस्त होने की पुष्टि हो चुकी है।
 जनपद उत्तरकाशी सहित कई स्थानों पर विगत रात्रि भारी बरसात से उत्पन्न स्थिति पर मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा स्वयं नजर रखे हुए हैं। उन्होंने सुबह आपदा मंत्री यशपाल आर्य के साथ हालात की समीक्षा की और जिला प्रशासन के अधिकारियों से जानकारी लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने प्रभावितों को तुरंत राहत पहुंचाना सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि प्रभावितों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाकर भोजन, दूध, पेयजल, कपड़े, दवाइयां आदि उपलब्ध करवाया जाए। शनिवार को मीडिया को जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने बताया कि विगत मध्यरात्रि को अत्यधिक वर्षा से  भागीरथी नदी का जल स्तर खतरे के निशान से ऊपर चला गया था। रकाशी जिला प्रशासन ने त्वरित कार्यवाही करते हुए नदी किनारे रह रहे 200 परिवारों को अन्यत्र शिफ्ट कर उनके भोजन आदि की समुचित व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि
गंगोत्री व केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्गों पर जगह जगह भूस्खलन के कारण मार्ग बाधित होने सेयहां स्थिति सामान्य होने तक यात्रा पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। जिला प्रशासन व स्थानीय आपदा प्रबंधन दल के साथ ही आईटीबीपी के जवान भी बचाव कार्य में जुटे हुए हैं। पीएसी भी राहत कार्यों के लिए भेज दी गई है। आवश्यकता पड़ने पर आपदा प्रबंधन की अतिरिक्त टीमें भेजी जाएंगी। बचाव कर्मी जी जान से लोगों को बचाने व राहत पहंुचाने में जुटे हुए हैं। गंगोरी में बचाव कार्य करते हुए तीन फायर कर्मी भी नदी में बह गए। आपदा से हुई क्षति की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि 5 व्यक्ति गंगोरी में व 2 व्यक्ति डुण्डा में बहने की सूचना है। गंगोरी राष्ट्रीय राजमार्ग पर गंगोरी पुल बाढ़ से बह गया है व केदारनाथ को जोड़ने वाला तिलोथ पुल की दीवार क्षतिग्रस्त हो गई है, जिससे पुल को आवाजाही के लिए बंद कर दिया गया है। मनेरी भाली फेज 1 व फेज 2 को भी भारी क्षति हुई है।
   उत्तरकाशी में दर्जन से अधिक घर, वाहन बह गए हैं। गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित कई होटल एवं घरों के पुस्ते नदी में बह गए हैं।  सैंकड़ों हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि बह गई है। गंगोरी में बना हुआ फायर स्टेशन भी क्षतिग्रस्त हुआ है। भटवाड़ी व मोरी में झूला पुल बहने की सूचना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि फिलहाल सारा ध्यान राहत एवं बचाव कार्यों पर है। नुकसान का आंकलन शीघ्र ही कराया जाएगा। प्रभावितों को उचित मुआवजा दिया जाएगा। आवश्यकता होने पर केंद्रीय सरकार से भी मदद ली जाएगी। उन्होंने कहा कि मौसम विभाग द्वारा आगामी 48 घंटों में भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है। नदी किनारे व संवेदनशील क्षेत्रों में रह रहे नागरिक भी सतर्क रहें व राहत व बचाव कार्यों में  प्रशासन का सहयोग करें। सरकार व प्रशासन तत्परता से कार्य कर रहा है और घबराने जैसी कोई बात नहीं है।
उधर राज्य आपात परिचालन केंद्र से प्राप्त जानकारी के अनुसार शुक्रवार दोपहर एक बजे तक बादल फटने व भारी वर्षा के कारण 26 लोगों के बहने व 200 घरों के ढ़हने की सूचना है। सभी चार धाम यात्रा मार्ग बंद कर दिया गया है। राहत एवं बचाव कार्य जारी हैं।