बुधवार, 12 दिसंबर 2012

राज्य के पहले मुख्यमंत्री नित्यानंद स्वामी का निधन

राज्य के पहले मुख्यमंत्री नित्यानंद स्वामी का निधन
तीन दिवसीय राजकीय शोक की घोषणा
सादगी भरा रहा स्वामी का जीवनः मुख्यमंत्री
राजेन्द्र जोशी
देहरादून 12 दिसम्बर। उत्तराखंड के पहले मुख्यमंत्री नित्यानंद स्वामी का आज निधन हो गया वे 87 वर्ष के थे। विधान सभा का आज चलने वाला सत्र भूतपूर्व मुख्यमंत्री के निधन पर शोक संवेदना प्रकट करने के बाद स्थगित हो गया। वहीं शोक संवेदना प्रकट करते हुए  भाजपा विधायक विजया बडत्थ्वाल सहित प्रेम चंद्र अग्रवाल सदन में भावुक हो उठे। सदन में कार्य मंत्रणा समिति के बैठक में विधान सभा के इस शीतकालीन सत्र को 14 दिसम्बर तक के लिए बढ़ा दिया गया है। वहीं संसदीय कार्यमंत्री डा. इंदिरा हृदयेश पाठक ने प्रदेश में तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा की।
आज 11 बजे जैसे ही विधान सभा सत्र शुरू होने वाला था कि नेता सदन मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने सदन को अवगत कराया कि आज प्रातः साढे नौ बजे राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री नित्यानंद स्वामी का अस्पताल में निधन हो गया। वे 87 वर्ष के थे। नेता सदन मुुख्यमंत्री बहुगुणा ने उनके जीवन काल पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बहुआयामी प्रतिभा के धनी स्वर्गीय स्वामी का जन्म 27 दिसम्बर 1927 को हरियाण प्रान्त  के नारनौल में हुआ था। उन्होने लगभग सारा जीवन देहरादून में बिताया। यहां उनके पिता भारतीय वानिकी सस्थान में कार्यरत थे। उनका विवाह चंद्रकांता  से  हुआ, और उनकी चार बेटियां हैं। कम आयु में ही वे राष्ट्रीय स्ंवय सेवक संघ के माध्यम से भारतीय स्वतंत्रा संग्राम में जुड़ गए। इस दौरान उन्होंने 18 बार जेल की यात्रा की। पेशे से वकिल और भारतीय जनसंघ से जुडकर उन्होंने सक्रिय राजनीति में प्रवेश किया। नित्यानंद स्वामी ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से राजनीति शुरू कर बाद में उन्हांेने भाजपा की सदस्य ली। राजनीति की सीढिया चढते वे गढवाल और कुमांऊ स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से वे विधान परिषद् के लिए चुने गए। 1991 में उत्तर प्रदेश विधान परिषद के उपाध्यक्ष बनने के बाद 1992 में वे सर्वसम्मति से विधान परिषद के अध्यक्ष चुने गए। वर्ष 2000 में उत्तराखंड राज्य की घोषणा के बाद नौ नवम्बर 2000 को उन्होंने पहले मुख्यमंत्री की शपथ ली। वे 29 अक्टूवर 2001 तक वे राज्य के मुख्यमंत्री रहें। स्वभाव में मृदु भाषी और सरल व्यक्तित्व के स्वर्गीय स्वामी का जीवन सादगी भरा रहा।
उनकी मृत्यु पर मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा सहित संसदीय कार्यमंत्री डा. इंदिरा हदयेश पाठक नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट, नेता बसपा हरिदास, नेता यूकेडी प्रीतम सिंह पंवार, पंचायती राज मंत्री प्रीतम सिंह, कृषि मंत्री हरक सिंह रावत, खेल मंत्री दिनेश अग्रवाल, राजस्व मंत्री यशपाल आर्य, विधायक नवप्रभात, मदन कौशिक, हरबंश कपूर, बंशीधर भगत, बिशन सिंह चुफाल,विजया बड़त्थ्वाल, प्रेम चंद्र अग्रवाल सहित विधान सभा उपाध्यक्ष अनुसुया प्रसाद मैखुरी व विधान सभा अध्यक्ष गोविन्द सिंह कुंजवाल ने विधान सभा में शोक संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।सदन में दो मिनट के शोक प्रकट करने के बाद बुधवार को विधान सभा की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित कर दी गई। संसदीय कार्यमंत्री डा. इंदिरा हृदयेश पाठक ने स्वर्गीय स्वामी के निधन पर मुख्यमंत्री की ओर से तीन दिवसीय राजकीय शोक की घोषणा की।