गुरुवार, 29 अगस्त 2013

प्रदेश में आपदा के दो माह बाद भी 453 मार्ग खुल नहीं पाए

प्रदेश में आपदा के दो माह बाद भी 453 मार्ग खुल नहीं पाए

प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को करना पड़ रहा दिक्कतों का सामना

राजेन्द्र जोशी
देहरादून । राज्य में आपदा के दो माह बीत जाने के बाद भी कई मार्ग यातायात के लिए अवरुद्ध पड़े हैं। मार्गों के अवरुद्ध पड़े होने के कारण आपदा प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को अपने जरूरी कार्यों के लिए बाजार जाने के लिए कई किमी की पैदल दूरी तय करनी पड़ रही है। आपदा से क्षतिग्रस्त 2,283 मार्गों में से 1,830 मार्ग अस्थाई रूप से यातायात खुल पाए हैं, 453 मार्ग अभी खुल नहीं पाए हैं। आपदा परिचालन केन्द्र देहरादून से प्राप्त सूचना के अनुसार लोनिवि, प्रांतीय खण्ड, देहरादून लम्बीधार किमाडी मोटर मार्ग बन्द है। लोनिवि, निर्माण खण्ड, देहरादून कार्यालय वाली सडक बन्द है। लोनिवि ऋषिकेश से सम्बन्धित 3 सडकें बन्द हैं। सूर्यधार सनगाव मोटर मार्ग बन्द है। तंगोली बडेरना सम्पर्क मार्ग बन्द है। इठारना सम्पर्क मार्ग बन्द है। लोनिवि सहिया से सम्बन्धित 17 मार्ग बन्द है। लक्स्यार लुधेरा क्यारी कच्टा मोटर मार्ग बन्द है। पंजिटिलानी मंजरा सरऊ मोटर मार्ग बन्द है। समर जैन मोटर मार्ग बन्द है। कोरवा क्वारना मोटर मार्ग बन्द है। चकराता, मसूरी, त्यूनी, नई टिहरी, कीर्तीनगर मोटरमार्ग बन्द है। रानी गांव सम्पर्क मार्ग बन्द है। सकनी पंजिया मोटर मार्ग बन्द है।
लेल्टा पाटा मन्डोली मोटर मार्ग बन्द है। कोटी डिमउ लेल्टा मोटर मार्ग बन्द है। पंजिटिलाीनी चन्देऊ सुपेऊ केराऊ मोटर मार्ग बन्द है। हरिपुर इच्छाडी मोटर मार्ग बन्द है। बिजऊ क्वेटा खतार मोटर मार्ग बन्द है। कोटी डिमऊ डाण्डा मोटर मार्ग बन्द है। कालसी बैराटखाई मोटर मार्ग बन्द है। दौंदा सम्पर्क मार्ग बन्द है। गौराघटी मान्थात मोटर मार्ग बन्द सकनी ककाडी मोटर मार्ग बन्द है।
ऋषिकेश-केदारनाथ राजमार्ग कुण्ड तक तथा उखीमठ-गोपेश्वर मार्ग यातायात के लिए खुले हैं।
रुद्रप्रयाग जनपद में 19 मार्ग अवरूद्ध हैं, जिसके अंतर्गत मयाली-गुप्तकाशी मार्ग पांजणा में मलबा आने से अवरूद्व हैं। कर्णप्रयाग-रानीखेत-काठगोदाम, कर्णप्रयाग-पोखरी, गोपेश्वर-ऊखीमठ तथा सिमली-नारायणबगड़ मार्ग यातायात के लिए खुले हैं। ऋषिकेश-बद्रीनाथ राजमार्ग पातालगंगा एवं पागलनाला में, गोपेश्वर-पोखरी मार्ग हाफला में, नारायणबगड-थराली तथा नन्दप्रयाग-घाट, के साथ ही चमोली जनपद में 63 मार्ग मलबा आने से अवरूद्व हैं। बागेश्वर-अल्मोड़ा, कपकोट-बागेश्वर-शामा तथा कपकोट-पिण्डर मोटर मार्ग यातायात के लिए खुले हैं। चिन्यालीसौड़-सुवाखोली-मसूरी-दे
हरादून, उत्तरकाशी- धोहतरी, डामटा-देहरादून तथा धरासू-बड़कोट मार्ग यातायात के लिए खुले हैं। ऋषिकेश-गंगोत्री राजमार्ग नालूपानी एवं गंगोरी में तथा ऋषिकेश-यमुनोत्री राजमार्ग राणाचट्टी एवं सिलाई बैंड में मलवा आने से अवरूद्ध हैं। घाट-पिथौरागढ़-ओगला-जौलजीवी-बलुवाकोट-धारचूला राजमार्ग के साथ ही धारचूला-तवाघाट-पांगला राजमार्ग एलागाड़ तक, जौलजीवी-मदकोट मार्ग बंगापानी तक, मुनस्यारी-मदकोट, तेजम-सामा (कपकोट), पिथौरागढ़- झूलाघाट तथा बेरीनाग-राईआगर-सेराघाट मार्ग यातायात के लिए खुले हैं। थल-मुनस्यारी मोटर मार्ग हरड़िया तथा रातीगाड़ में तथा तवाघाट-सोबला मार्ग मलवा आने से अवरूद्ध हैं, जबकि कंजोती-नारायण आश्रम मार्ग कन्ज्योती में पुल टूटने के कारण अवरूद्व है। खैरना-अल्मोड़ा राजमार्ग, अल्मोड़ा-पिथौरागढ़, बागेश्वर- अल्मोड़ा तथा चौखुटिया-बछुवाबाण मार्ग यातायात के लिए खोल दिए गए हैं। जनपद में 9 मार्ग अवरूद्व हैं।
रामनगर-बुवाखाल राजमार्ग के साथ ही कालागड़- कोटद्वार, पौड़ी-श्रीनगर, पौड़ी-देवप्रयाग, पौड़ी- दुगड्डा-नजीबाबाद तथा पौड़ी-सतपुली मोटर मार्ग यातायात के लिए खोल दिए गए हैं। ऋषिकेश-टिहरी, चम्बा-ऋषिकेश, चम्बा-मसूरी, चम्बा-उत्तरकाशी, घनसाली-टिपरी-देवप्रयाग, घनसाली-टिपरी-नई टिहरी तथा छाम-कण्डीसौड़ मार्ग यातायात के लिए खोल दिए गए हैं।
भवाली-अल्मोड़ा राजमार्ग, हल्द्धानी-अल्मोड़ा राजमार्ग तथा भुजान-बेतालघाट-गर्जिया मार्ग खुल गए हैं।
जनपद में 5 ग्रामीण मोटर मार्ग अवरूद्व है। टिहरी जनपद में 5 ग्रामीण मोटर मार्ग अवरूद्व है।