शनिवार, 19 अक्तूबर 2013

राहुल ने कसा तंज: साकेत या राकेश शर्मा क्यों नहीं हो सकते उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री

राजेन्द्र जोशी
देहरादून  । साकेत या राकेश शर्मा में से किसी एक को बना दिया जाए उत्तराखण्ड का मुख्यमंत्री, क्योंकि ये उत्तराखण्ड ही नहीं बल्कि देश भर में चर्चाओं में है, यह कहना है कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी का। पुख्ता सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार 18 सितम्बर को जब उत्तराखण्ड की विधानसभा अनुदान मांगों को लेकर चल रही थी, तो अचानक मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा सदन से उठकर दिल्ली चले गए। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार 11 बार राहुल गांधी से मिलने का समय न मिल पाने के बाद आखिरकार उनको बारहवीं बार राहुल गांधी ने उनको समय दिया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश में आई आपदा के बाद किए गए कार्यों का ब्यौरा उनके सामने रखा, लेकिन राहुल गांधी ने उनके इस ब्यौरे पर कोई खास टिप्पणी नहीं की। बल्कि उन्होंने कहा कि इस छोटे से प्रदेश में आखिर कितने मुख्यमंत्री हैं, उन्होंने मुख्यमंत्री को फटकार लगाते हुए कहा कि उत्तराखण्ड में आपके कुर्सी संभाले जाने के बाद कई और भी मुख्यमंत्री हो गए हैं, जिनमें साकेत बहुगुणा और राकेश शर्मा तो हैं ही साथ ही कोई बता रहा है कि इलाहाबाद से सरकार चल रही है तो कोई यह बताता है कि दिल्ली से उत्तराखण्ड की सरकार चल रही है। राहुल गांधी यहीं पर चुप नहीं हुए, उन्होंने मुख्यमंत्री को कहा कि सुलतानपुर और सितारगंज से भी प्रदेश की सरकार चल रही है। सूत्रों ने तो यह भी बताया है कि राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री को यह भी कहा कि उत्तराखण्ड का मुख्यमंत्री निवास क्या केवल देखने भर के लिए है, वहां की जनता की कांग्रेस से कितनी अपेक्षाएं हैं, उसका किसी ने ध्यान रखा है। राहुल गांधी ने प्रदेश की आपदा की पीड़ा को आत्मसात किया है और प्रदेश के मुख्यमंत्री को आपदा राहत कार्यों पर कागजों में राहत कार्य देने के बजाए जमीनी हकीकत में राहत कार्यों के साथ पुर्ननिर्माण और पुर्नस्थापन के कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाने की हिदायद भी दी।
    कुल मिलाकर राहुल गांधी ने प्रदेश की स्थिति को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री को नैतिकता का पाठ भी पढाया है, यह मुख्यमंत्री के कितने समझ में आया यह तो भविष्य ही बताएगा, लेकिन कुल मिलाकर राहुल गांधी मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा के अब तक के कार्यों से खुश नहीं बताए जा रहे हैं।